शुक्रवार, 13 नवंबर 2009

बाल दिवस...सिर्फ़ एक औपचारिकता

चिट्ठाजगत ठंड ने दस्तक दे दी है तो सुबह-सुबह कॉलेज पहुँच कर कैंटीन की ही याद आती है। आज चाय का ऑर्डर देकर बैठी ही थी तो मेरे एक दोस्त का मोबाईल पर मैसेज आया कि " हैप्पी चिल्ड्रन्स डे "...आज बाल दिवस है ? याद ही नहीं रहा। इस भाग-दौड ने तो हमसे हमारा बचपना ही छीन लिया। सोच ही रही थी कि छोटू चाय लेकर हाज़िर हो गया। छोटू...एक 8-10 साल का लडका...रोज़ कैंटीन में काम करते देखती हूँ उसे...पर आज जब वो चाय लेकर आया तो अचानक ही मन में सवाल आया...क्या इसे पता है कि आज बाल दिवस है ? बच्चों का दिन...यानि छोटू का दिन।
छोटू तो चाय देकर बाकी टेबलों के ऑर्डर पहुँचाने में लग गया...पर मैं अपने मन के रास्ते होते ह्ए अपनी सोच को उस सिग्नल पर ले गयी जहाँ मेरी बस रूकी थी। दो-तीन छोटे-छोटे बच्चे अपने "काम" में काफ़ी व्यस्त दिख रहे थे..."काम"...आने जाने वालो से पैसे की गुहार कर रहे थे, अपनी मजबूरियाँ बताना..."काम"। फिर वहीं मे मेरी सोच मुझे कुछ और दूर ले गयी, मेरे पडोसी के घर। आंटी अपनी ग्यारह साल की नौकरानी जिसे वो झारखण्ड से "खरीद" लायी थी, उसपर चिल्ला रही थी। शायद मार भी रही थी। लक्ष्मी नाम है उस लडकी का। अक्सर अपने घर की बालकनी से उसे घर का काम करते और पिटते हुए देखती हूँ...एक और मैसेज...ले आई मेरी सेच मुझे वापस...एक और दोस्त का...हैप्पी चिल्ड्रन्स डे...तभी छोटू आया और कप उठाकर ले गया।

(भारत में बाल-मजदूरी पर प्रतिबंध लगे 23 साल गुजर गए। इसके बावजूद सबसे ज्यादा बाल-मजदूर भारत में ही हैं। एक अनुमान के मुताबिक देशभर में 1 करोड़ 70 लाख बाल-मजदूर हैं। देश के 1 करोड़ 70 लाख बाल-मजदूरों में से सिर्फ 15 प्रतिशत को ही मजदूरी से मुक्ति मिल पायी है। भारत के ग्रामीण इलाकों में तीन साल से कम उम्र के 40 प्रतिशत बच्चों का वजन औसत से कम है, जबकि 45 फीसदी बच्चों का विकास सही ढंग से नहीं हो पाया है।
पूरे विश्व में हर दिन करीब
18 हजार बच्चे भूखे मर रहे हैं।
जबकि भारत में 42।5 फीसद बच्चे कुपोषण के शिकार हैं।)

9 टिप्पणियाँ:

श्यामल सुमन ने कहा…

जन जागरण कि दिशा में एक अच्छी कोशिश आपकी।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com

अजय कुमार ने कहा…

हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य
टिप्पणियां भी करें

KK Mishra of Manhan ने कहा…

बहुत खूब, शुभकामनायें

mastkalandr ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
mastkalandr ने कहा…

Children's Day बाल दिवस के अवसर पर आपका प्रयास सराहनीय है .
हमारी शुभकामनाएँ सदा आपके साथ है ,आप् खूब लिखें और बेहतर लिखें... मक्
Children's Day is an event celebrated on various days in many places around the world. International Children's Day is celebrated on June 1 and Universal Children's Day is on November 20.Other countries celebrate a local 'children's day' on other dates. The holiday is simply set to honor children and minors.
Children's Day is celebrated in India on the 14th of November, the birthday of India's first Prime Minister, Jawaharlal Nehru, as a tribute to his love of children. He liked roses and children. He was very fond of children and he used to do anything for children.

शशांक शुक्ला ने कहा…

शबनम आपने मुद्दा अच्छा उठाया है लेकिन हर बाल दिवस पर उठने वाले इस कामन मु्द्दे पर अगर लगभग हर रोज लोगों का याद दिलाया जाये तो बेहतर है, सामाजिक सुधार के लिये एक बेहतर कदम है। हमारा भी साथ मिलेगा आगे बढ़ें

Meraj Ahmad ने कहा…

dekhiye age age ata hai kya?

Unknown ने कहा…

very nice, as you every youth should be works for it or any social issue, so that day will come defiantly our country would be a perfect nation.

Randhir Singh Suman ने कहा…

nice

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